तेरी याद
दिल नहीं लग रहा आज तेरी याद बहुत है
चल ज़माने से दूर कहीं सैर पे चलते है।
हकीकत की दुनिया हमारी मुश्किल बहुत है
चल ख्वाबों में हमारी मंज़िल तक चलते है।
बाते होंगी वो रातें होंगी हसीन वो पल जब मुलाकाते होंगी
थक के एक दूसरे के आज आगोश में चलते है।
भूल जाते है ना कुछ वक़्त ये मसरूफियत की दुनिया को
हाथ थाम के एक दूजे का चल किनारे तक चलते है।
वो रात हो और सर तेरा मेरी गोद में
चलना अब सितारों से मिलने साथ छत पे चलते है।
नज़र ना लगे हमारे रिश्ते को कभी
चल चुपके से कहीं एक दूसरे की बाहों में चलते है।
Written by
Zenab khan


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